Allahabad High court : महिलाएं अपनी मर्जी से रिलेशन बनाने के बाद करा रहीं झूठे केस दर्ज, हाई कोर्ट कहा....

Allahabad High court decisions : आपको बता दें कि लिव इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान कपल में झगड़ा होना स्‍वाभाविक है। ऐसे बहुत सारे मामले सामने आ रहे हैं। इसी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का कहना है कि जिनमें लड़किया लड़कों पर झूठे आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करा देती हैं। जानिए पूरा मामला क्या हैं।
 

NEWS HINDI TV, DELHI: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High court) ने महिलाओं को लेकर एक महत्‍वपूर्ण टिप्‍पणी की है। गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि महिलाओं को कानूनी संरक्षण मिला हुआ है। इसका सहारा लेकर वह पुरुषों को आसानी से फंसा देती हैं। कोर्ट में बड़ी संख्‍या में इस तरह के मामले आ रहे हैं जिनमें महिलाएं लंबे समय तक किसी के साथ रिलेशन में रहती हैं और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाती हैं। फिर बाद में पार्टनर पर झूठे आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करा देती हैं।

हाईकोर्ट (High court) के न्‍यायमूर्ति सिद्धार्थ ने कहा कि ऐसे मामलों में न्‍यायिक अधिकारियों को सतर्क रहना चाहिए। उन्‍हें जमीनी हकीकत देखना चाहिए, उसके बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए। अदालत ने वाराणसी निवासी ओम नारायण पांडेय की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह टिप्‍पणी की है। कोर्ट ने कहा कि कानून पुरुषों के प्रति बहुत पक्षपाती है। महिलाओं की तरफ से पुरुषों पर बेबुनियाद आरोप लगाना बहुत आसान है। लंबे समय तक लिव इन में रहने के दौरान लड़के और लड़की में किसी मुद्दे पर विवाद हो जाता है। इसके बाद लड़की लड़के को झूठे मामलों में फंसा देती है।

पेश मामले के अनुसार, ओम नारायण पांडेय के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाने में यौन उत्‍पीड़न सहित पॉक्‍सो के तहत एफआईआर दर्ज है। उन पर नाबालिग लड़की के साथ शादी का वादा कर यौन संबंध बनाने का आरोप है। पांडेय के वकील ने कोर्ट को बताया कि दोनों ने अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाए हैं। कोर्ट ने कहा कि भारतीय सामाजिक और पारंपरिक मानदंडों के विपरीत लड़की के सम्‍मान के रक्षा के नाम पर दुर्भावनापूर्ण रूप से झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही है।