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DELHI-NCR वालों का बोझ होगा कम, यहां बसाए जाएगें 5 नए शहर

New City : एक रिपोर्ट के हवाले से ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर का बोझ जल्द ही कम होने वाला है। दरअसल यहां 5 नए शहर बसाने का काम शुरू हो गया है। इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ें।
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DELHI-NCR वालों का बोझ होगा कम, यहां बसाए जाएगें 5 नए शहर

NEWS HINDI TV, DELHI : कुंडली मानेसर पलवल (केएमपी) के दोनों तरफ पांच नए शहर बसाने की दिशा में एक बार फिर हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) की ओर से तेजी से काम शुरू कर दिया है। पंचग्राम के नाम बसाए जाने वाले शहरों में से सोनीपत के साथ वाले शहर का मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।


वर्ष 2050 के हिसाब से सोनीपत के साथ बसाए जाने वाले शहर की मास्टर प्लानिंग शुरू की जाएगी। इस शहर का एरिया करीब 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का होगा। मास्टर प्लान तैयार करने के लिए निगम की ओर से कंसलटेंट हायर करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।


निगम ने कंसलटेंडर हायर करने के लिए रिक्वेस्ट फोर प्रपोजल का विज्ञापन निकाला है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी होते ही सोनीपत के साथ लगते इस शहर का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। उसके बाद केएमपी के साथ बसाए जाने वाले अन्य शहरों की प्लानिंग भी होगी। सोनीपत, गुरग्राम के अलावा पांच नए शहरों में से केएमपी के साथ एक शहर बहादुरगढ़ के आसपास क्षेत्र में भी बसाया जाएगा। प्रदेश सरकार के पंचग्राम की लिस्ट में यह सिटी नंबर दो है। अभी तक किसी भी शहर का नाम तय नहीं हुआ है। बहादुरगढ़ के आसपास के गांवों की करीब 50 हजार हेक्टेयर जमीन पर इस शहर को बसाया जाएगा।


विदेशी तर्ज पर विकसित होंगे पंचग्राम के शहर-

सरकार केएमपी के आसपास बसाए जाने वाले पांचों शहरों को पूरी प्लानिंग के साथ बसाना चाह रही है, ताकि हरियाणा की पहचान बिल्कुल अलग से उभर कर सामने आए। विदेशी तर्ज पर इन शहरों को बसाने की योजना है। इसीलिए इन शहरों के लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। स्काटलैंड व सिंगापुर की तरह ये शहर विकसित किए जाने की संभावना है।


यहां-यहां बसाए जाएंगे पंचग्राम-

बहादुरगढ़ के साथ-साथ पंचग्राम में शामिल चार अन्य शहरों के लिए भी सरकार ने स्थान चिन्हित कर लिया है। इनमें सोनीपत क्षेत्र में कुंडली से लेकर खरखौदा के बीच, सोहना के आसपास, पलवल के आसपास और पांचवां मानेसर के आसपास की करीब 50-50 हजार हेक्टेयर जमीन पर ये नए शहर विकसित किए जाएंगे।