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Cibil स्कोर खराब होने के कारण नहीं मिल रहा लोन, इन तरीकों से करें ठीक

यदि आपका सिबिल स्कोर अच्छा हैं तो आपको आसानी से लोन मिल जाता हैं लेकिन यदि आपके सिबिल स्कोर में स्थिति अच्छी नहीं हैं तो आपको लोन लेने में बहुत परेशानी आती हैं इसी के चलते हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर ये खराब हो गया है तो इसे सुधारने के आप ये आसान तरीका अपना सकते हैं....
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Cibil स्कोर खराब होने के कारण नहीं मिल रहा लोन, इन तरीकों से करें ठीक

NEWS HINDI TV, DELHI: अगर आप लोन लेने के लिए बैंक में अप्‍लाई करते हैं तो सबसे पहले आपका सिबिल स्‍कोर देखा जाता है. सिबिल स्‍कोर को क्रेडिट स्‍कोर भी कहा जाता है. क्रेडिट स्कोर से पता चलता है कि फाइनेंशियल मामलों में आपका रिकॉर्ड कैसा है.

अगर आपका स्‍कोर अच्‍छा है तो आपको लोन आसानी से और बेहतर ब्‍याज दर के साथ मिल सकता है. लेकिन अगर सिबिल स्‍कोर ही गड़बड़ है, तो लोन मिलने में दिक्‍कत हो सकती है. यहां जानिए कितना क्रेडिट स्‍कोर अच्‍छा माना जाता है और अगर ये खराब हो गया है तो इसे सुधारने के तरीके क्‍या हैं.

कितना सिबिल स्‍कोर माना जाता है अच्‍छा -

क्रेडिट स्‍कोर 300 से 900 के बीच निर्धारित होता है. अगर आपका क्रेडिट स्‍कोर 750 या इससे ज्‍यादा है तो इसे अच्‍छा माना जाता है. 550 से 750 के बीच का स्‍कोर ठीक माना जाता है और 300 से 550 तक का स्‍कोर खराब माना जाता है. आपका क्रेडिट स्‍कोर कई चीजों पर निर्भर करता है. 30% सिबिल स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि आप वक्त पर कर्ज चुका रहे हैं या नहीं, 25% सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड लोन पर, 25% क्रेडिट एक्सपोजर पर और 20% कर्ज के इस्तेमाल पर निर्भर करता है.

इस तरह से सुधारें अपना क्रेडिट स्‍कोर -

लोन की किस्‍त समय से दें -
अगर आपने बैंक से कोई लोन लिया है तो आप बिल का भुगतान समय से करें. वहीं अगर क्रेडिट कार्ड का इस्‍तेमाल करते हैं, तो क्रेडिट कार्ड से किए गए खर्च का भुगतान भी समय से करें. इससे आपके क्रेडिट स्‍कोर में खुद ही सुधार आना शुरू हो जाएगा.

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बार-बार न बढ़ाएं -

क्रेडिट कार्ड की लिमिट ज्‍यादा होना कोई अचीवमेंट नहीं होता है, बल्कि इससे आपके खर्च ही बढ़ जाते हैं. इसलिए अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की कोशिश बार-बार न करें. कार्ड लिमिट को बढ़वाना इस बात का सबूत है कि आपके खर्चे बेतहाशा हैं. ऐसे में आप जितना क्रेडिट कार्ड से खर्च करेंगे, वो बिल आपको ही चुकाना होगा. कई बार बिल ज्‍यादा होने पर अगर आप समय से न चुका पाए, तो आपका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो सकता है. 

एक साथ कई लोन न लें -

क्रेडिट स्‍कोर को बेहतर बनाए रखना है तो एक साथ कई लोन लेने से आपको बचना चाहिए क्‍योंकि ऐसी स्थिति में आप पर ईएमआई का बोझ काफी बढ़ जाता है. कई बार ईएमआई मिस भी हो सकती है. इससे आपका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो सकता है.

लोन गारंटर बनने से पहले अच्‍छे से विचार करें -

किसी के लोन गारंटर बनने से पहले अच्‍छी तरह से विचार करें क्‍योंकि अगर लोन लेने वाले ने समय से लोन नहीं चुकाया या किस्‍तें समय पर नहीं दीं, तो आपको भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और इससे आपका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो सकता है. इसलिए अगर किसी के गारंटर बने भी है, तो इस बात पर नजर बनाकर रखें कि कर्जदार समय पर किस्‍त चुका रहा है या नहीं.

क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 30 फीसदी तक इस्‍तेमाल करें -

क्रेडिट कार्ड की जितनी भी लिमिट है, उसकी 30 फीसदी तक का ही इस्‍तेमाल करें. बहुत ज्‍यादा बड़ी खरीद क्रेडिट कार्ड से करने से बचें. इससे आपका क्रेडिट स्‍कोर बिगड़ता है. अगर किसी स्थिति में आपको क्रेडिट कार्ड से बड़ी खरीददारी करनी भी पड़े तो बिलिंग साइकिल खत्‍म होने से पहले इसका भुगतान कर देना चाहिए.