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लोन लेने वालों को राहत मिलेगी या नहीं, जानिए RBI का मूड

RBI News: लोग बजट पेश होने के बाद अब आरबीआई से उम्मीद लगाए बैठे हैं तो आज हम इस खबर में जानेंगे कि रिजर्व बैंक लोन लेने वालों को कोई राहत देगा या नहीं। आपको बता दें कि आरबीआई की MPC की मीटिंग शुरू हो चुकी है। तो ऐसे में जानेंगे कि लोन ईएमआई के बारे में आरबीआई का क्या मूड है। चलिए नीचे खबर में जान लेते है ये पूरा अपडेट.
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लोन लेने वालों को राहत मिलेगी या नहीं, जानिए RBI का मूड

NEWS HINDI TV, DELHI: इस समय सभी लोग लोन की EMI कम होने का इंतजार कर रहे हैं... क्या इस बार रिजर्व बैंक रेपो रेट्स में कटौती करेगा? आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग( RBI MPC Meeting ) तो वैसे शुरू हो गई है। दो दिन बाद इसके रिजल्ट भी सामने आ जाएंगे। लेकिन इस बार की रेपो रेट्स( Repo Rates ) की दरें कम होने की उम्मीद नहीं लग रही है। 

भारतीय रिजर्व बैंक ( Reserve Bank of India ) के गवर्नर शक्तिकांत दास( Shaktikant Das ) की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ( monetary policy committee ) की बैठक मंगलवार को शुरू हो गई है। रिटेल इंफ्लेशन के रिकॉर्ड लेवल पर बने रहने के बीच शॉर्ट टर्म लोन( short term loan ) रेट जस के तस बने रहने की संभावना जताई जा रही है। 


अंतिम बार फरवरी 2023 में बढ़े थे रेट्स-

भारतीय रिजर्व बैंक( RBI ) ने करीब एक साल से शॉर्ट टर्म लोन के रेट्स यानी रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा हुआ है। ग्लोबल घटनाक्रमों की वजह से बढ़ी महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में आखिरी बार बढ़ोतरी फरवरी, 2023 में हुई थी जब इसे 6.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत किया गया था। 


रिटेल इंफ्लेशन पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर-

रिटेल इंफ्लेशन( Inflation ) जुलाई, 2023 में 7.44 प्रतिशत के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई थी, लेकिन उसके बाद से इसमें गिरावट आई है। दिसंबर, 2023 में रिटेल इंफ्लेशन 5.69 प्रतिशत पर आ गई जो आरबीआई के संतोषजनक लेवल चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के अंदर ही है। 


आठ फरवरी को आएगा बैठक का फैसला-

आरबीआई गवर्नर( RBI Governor ) एमपीसी ( monetary policy committee )  बैठक के फैसले को 8 फरवरी को सुनाएंगे। MPC ने मई, 2022 से लेकर फरवरी, 2023 तक रेपो रेट में कुल मिलाकर 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, लेकिन उसके बाद से यह लगातार स्थिर बनी हुई है। इस समिति में तीन बाहरी सदस्य और आरबीआई के तीन अधिकारी शामिल हैं।

जून-अगस्त में कटौती होने की संभावना-

पैनल में बाहरी सदस्य शशांक भिडे, आशिमा गोयल और जयंत आर वर्मा हैं। गवर्नर दास के अलावा डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा और कार्यकारी निदेशक राजीव रंजन भी इसके सदस्य हैं। भारतीय स्टेट बैंक ( State Bank of India ) अपनी एक रिपोर्ट में पहले ही कह चुका है कि आरबीआई इस समीक्षा में अपना नीतिगत रुख बरकरार रख सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, नीतिगत दर में कटौती जून-अगस्त की अवधि में ही होने की संभावना अधिक है।