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Senior Citizen को ट्रेनों में मुफ्त मिलती हैं ये सुविधाएं, अधिकतर लोगों को नहीं हैं जानकारी

Senior Citizen Benefits In Train : आपको बता दें कि भारतीय रलेवे समय समय पर रेल यात्रियों को कई सुविधाएं प्रदान करती रहती हैं। और इन रेल यात्रियों में काफी सीनियर सिटीजन भी होते हैं। और इन्ही सीनियर सिटीजन (senior citizen) यात्रियों को ट्रेन में ये सुविधाएं फ्री मिलती हैं। जिसकी जानकारी 90 प्रतिशत लोगों को नहीं हैं। सीनियर सिटीजन जान लें पूरी जानकारी...
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Senior Citizen को ट्रेनों में मुफ्त मिलती हैं ये सुविधाएं, अधिकतर लोगों को नहीं हैं जानकारी

NEWS HINDI TV, DELHI: Indian Railway Free Facility : भारतीय रेलवे (Railway news) को देश का लाइफलाइन भी माना जाता है। ट्रेन (Indian Railway) सफर करने के लिए सबसे आसान और अहम साधन है। देश में रोजाना लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि ट्रेन टिकट (Train Ticket) के साथ यात्रियों को फ्री में कई सुविधाएं मिलती हैं. ट्रेन टिकट खरीदने के बाद इनका इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, एक ओर रेलवे सीनियर सिटीजन्स को कई सुविधाएं मुहैया कराता है। सीनियर सिटीजन को रेल में सफर करने पर टिकट में छूट के साथ-साथ ही अन्य सुविधाएं देता है। लेकिन, अधिकतर लोगों को जानकारी नहीं होती। अगर आप इन सुविधाओं का लाभ उठाना चहाते हैं तो चलिए नीचे खबर में जानते हैं क्या करना होगा। 


ट्रेन में हर उम्र के लोग सफर करते हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि ट्रेन में बुजुर्ग लोगों (elderly people in train) कौन-कौन सी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं? इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि बुजुर्ग लोग (सीनियर सिटीजन) ट्रेन में किन-किन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

सीनियर सिटीजन का मतलब क्या है? (Senior citizen in train):

यह जानना बहुत जरूरी है कि भारतीय रेलवे किन लोगों को सीनियर सिटीजन मनाता है। दरअसल, भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार (As per Indian Railways rules) यह कहा जाता है कि 60 वर्ष के पुरुष और 45 साल से अधिक उम्र की महिला सीनियर सिटीजन यानी वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आते हैं।


कहा जाता है कि पुरुष वरिष्ठ नागरिकों के लिए 40 प्रतिशत और महिला वरिष्ठ नागरिकों (senior citizens) के लिए करीब 50 प्रतिशत की छूट मिलती है। यह छूट मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, जनशताब्दी आदि ट्रेनों में मिलती हैं।


लोअर बर्थ की सुविधा मिलती है? (Senior citizen berth quota):

वरिष्ठ नागरिकों (senior citizens) के लिए ट्रेन में मिलने वाली कई सुविधाओं में से लोअर बर्थ की सुविधा मिलता एक प्रमुख सुविधा है। इस सुविधा के तहत अगर सीनियर सिटीजन टिकट लेते हैं तो अपने लिए लोअर बर्थ की सुविधा अलॉट कर सकते हैं।


दरअसल, जब भी टिकट फॉर्म भरा जाता है और नाम से साथ उम्र लिखा जाता है उसके साथ ही आप लोअर बर्थ का चुनाव कर सकते हैं। इसके तरह रेलवे द्वारा लोअर बर्थ अलॉट कर दिया जाता है। यह सुविधा पुरुष और महिला दोनों के लिए होती है। 


क्या मरीज को ट्रेन में सुविधा मिलती है? (Senior citizen quota for patients):

ट्रेन में हर दिन लाखों मरीज यात्रा करते हैं। ऐसे में अगर बुजुर्ग पुरुष या महिला किसी बीमारी से पीड़ित है और ट्रेन के माध्यम से किसी अन्य शहर में डॉक्टर से दिखाने जाना है, तो लभग उठा सकते हैं।


कहा जाता है कि अगर किसी बीमारी से पीड़ित सीनियर सिटिजन (senior citizens) यात्रा करता है, तो टिकट रिजर्वेशन के समय अन्य लोगों के मुकाबले उन्हें जल्दी से सीट मिल जाती है। इसके तहत लोअर बर्थ भी बुक करवा सकते हैं।


गर्भवती महिलाओं को भी मिलती है ये सुविधा:

रेलवे की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, सीनियर सिटीजन्स (senior citizens) में 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को स्लीपर कैटेगरी में 6 लोअर बर्थ रिजर्व है. इसके साथ ही 3एसी में प्रत्येक कोच में चार से पांच लोअर बर्थ, 2AC में प्रत्येक कोच में तीन से चार लोअर बर्थ को निर्धारित किया गया है. 


क्या ट्रेन में व्हील चेयर की सुविधा मिलती है?

देश के लगभग हर छोटे और बड़े रेलवे स्टेशनों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हील चेयर की सुविधा (wheel chair facility) रहती है। अगर वरिष्ठ नागरिक पैदल चलने में असमर्थ है, तो रेलवे सम्बंधित अधिकारी या स्टेशन मास्टर को सूचित कर सकता है कि मुझे व्हील चेयर की जरूरत है। 


जब व्यक्ति रेलवे सम्बंधित अधिकारी या स्टेशन मास्टर को व्हील चेयर के लिए सूचित करता है, तो रेलवे स्टाफ व्हील चेयर लेकर हाजिर हो जाता है। व्हील चेयर को आप ऑनलाइन भी बुक करवा सकते हैं। हालांकि, व्हील चेयर स्टाफ को थोड़ा बहुत पैसा देना पड़ सकता है।


नोट: आप सीनियर सिटीजन की उम्र में आते हैं या नहीं, इसके लिए आपके पास राज्य सरकार या भारत सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र होना चाहिए। ट्रेन में आयु प्रमाण पत्र मांगा जाता है। 


इन लोगों को ट्रेन किराए में मिलती है छूट:

भारत  में अधिकतर लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ट्रेन से यात्रा करना बेहद पसंद करते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह रेल यात्रा सस्ती और आरामदायक है। इसी वजह से भारतीय रेलवे (Indian Railway) को देश की लाइफ लाइन भी माना जाता है। दुनिया में भारतीय रेलवे चौथा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क (rail network) है। भारत में रेलवे स्टेशन की कुल संख्या भी करीब 8000 है। रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए आए दिन कई बदलाव भी करता है। क्या आपको पता है रेलवे की ओर कई लोगों को किराए में भी छूट दी जाती है।


बता दें कि भारतीय रेलवे की ओर से दिव्‍यांग और मरीजों के साथ ही छात्रों को भी किराए में छूट दी जाती है। हालांकि कोविड 19 से पहले सीनियर सिटीजन (Fare concession for senior citizens) को भी किराए में छूट दी जाती थी, लेकिन कोविड के दौरान इसे रोक दिया गया था। जिसे एक बार फिर से संसद में लागू करने की मांग की जा रही है।


जानें किसे कितनी मिलती है छूट:

रेलवे की ओर से किसान, दिव्‍यांग, स्‍टूडेंट, चिकित्‍सा व्‍यवसायी, शहीदों की पत्‍नी, पुरुस्‍कार प्राप्‍त लोगों को छूट मिलती है। फिलहाल स्‍टूडेंट, मरीज और दिव्‍यांग को छूट दी जा रही है। रेलवे के मुताबिक वरिष्‍ठ नागरिकों के किराए पर छूट को अभी रोका गया है, जो अनिश्चित समय के लिए है। इसे आने वाले समय में बहाल किया जा सकता है।


स्‍टूडेंट को किराए में छूट का नियम:

स्‍टूडेंट को छूट केवल स्‍लीपर और 2S क्‍लास के लिए दिया जाता है। जबकि ई टिकट के लिए यह छूट वैलिड नहीं की गई है। छात्रों को किराए के छूट के रूप में रिफंड आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वारा अगले दिन वापस किया जाएगा और डिजिटल तरीके से उसके खाते में जमा किया जाएगा।

लिस्ट में देखें – कितने फीसदी छूट का है ऑप्शन:

– रेलवे लड़कियों को ग्रेजुएशन तक MST से सेकंड क्‍लास में फ्री में सफर करने की सुविधा देता है। वहीं लड़के 12वीं क्‍लास तक MST से सेकंड क्‍लास में फ्री में सफर कर सकते हैं। इसके तहत मदरसे के बच्‍चे भी शामिल हैं।
– जनरल कैटेगरी वाले स्‍टूडेंट्स के लिए सेकंड और स्‍लीपर क्‍लास के किराए में 50 फीसदी की छूट है। MST/QST रखने वालों को भी 50 फीसदी डिस्‍काउंट मिलता है।
– वहीं SC/ST कैटेगरी वाले स्‍टूडेंट्स को सेकंड व स्‍लीपर क्‍लास टिकट या MST/QST से सफर पर 75 फीसदी छूट है।
– भारतीय रेलवे 35 साल तक के रिसर्च स्‍कॉलर्स को रिसर्च से जुड़े कामों के लिए रेल सफर पर टिकट पर 50 फीसदी की छूट देता है। यह छूट सेकंड और स्‍लीपर क्‍लास से सफर करने पर मिलती है।
– वर्क कैंप में भाग लेने जा रहे स्‍टूडेंट्स या नॉन-स्‍टूडेंट्स को सेकंड और स्‍लीपर क्‍लास रेल टिकट पर 25 फीसदी छूट मिलती है।
– गांवों के सरकारी स्‍कूल में पढ़ने वाले बच्‍चों को साल में एक बार स्‍टडी टूर के लिए सेकंड क्‍लास की रेल टिकट में 75 फीसदी छूट मिलती है।
– भारत में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को भारत सरकार द्वारा आयोजित कैंप या सेमिनार में जाने के लिए ट्रेन से सफर पर सेकंड और स्‍लीपर क्‍लास टिकट में 50 फीसदी डिस्‍काउंट देता है।
– यह डिस्‍काउंट छुट्टियों में ऐतिहासिक और अन्‍य महत्‍वपूर्ण जगहों पर जाने के लिए भी मिलता है।
ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्‍कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि के एंट्रेंस एग्‍जाम के लिए रेल टिकट पर 75 फीसदी छूट है। यह सेकंड क्‍लास से सफर के लिए रहती है।
– UPSC और सेंट्रल स्‍टाफ सिलेक्‍शन कमीशंस द्वारा आयोजित मुख्‍य लिखित परीक्षा देने वाले स्‍टूडेंट्स को रेल किराए में 50 फीसदी की छूट रहती है। यह सेकंड क्‍लास से सफर पर लागू है।

 

यात्रा के दौरान इतना ले जा सकते है सामान:

अक्सर ट्रेन में यात्रा (travel by train) करते वक्त आके साथ आप काफी सामान लेकर भी चलते है और आप यात्रा के दौरान अपने साथ काफी सारा वजन लेकर जा सकते हैं, लेकिन इस सामान को लेकर रेलवे के कुछ नियम हैं। इस नियम की जानकारी नहीं होने के कारण कई बार यात्रियों को परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक तय लिमिट से ज्यादा सामान ले जाने पर आपको जुर्माना देना पड़ सकता है।  आपको  बता दें  कि निशुल्क सामान की अनुमति (free luggage allowed) विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग है।


बता दें कि  पांच वर्ष से अधिक और 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए निशुल्क सामान ले जाने की निश्चित सीमा 50 कि.ग्रा. का आधा सामान अपने साथ ले जाने की अनुमति है। इस नियम की अवहेलना करने पर रेलवे आपको भारी जुर्माना (Fine for disobeying rules) लगा सकता  है। ऐसे में सफर से पहले ही ध्यान रखा जाए।
 

जान लें किस श्रेणी में कितना सामान ले जाया जा सकता है?

  • फर्स्ट एसी श्रेणी में 70 किलो, मार्जिनल 15 किलो, अधिकतम (निशुल्क सहित) 150 किलो।
  • सेकेंड एसी श्रेणी में 50 किलो, मार्जिनल 10 किलो, अधिकतम 100 किलो।
  • थर्ड एसी श्रेणी में 40 किलो, मार्जिनल 10 किलो अधिकतम 40 किलो।
  • स्लिपर श्रेणी में 40 किलो, मार्जिनल 10 किलो, अधिकतम 80 किलो।
  • सेकेंड क्लास श्रेणी में 35 किलो, मार्जिनल 10 किलो, अधिकतम 70 किलो।


इतना लग सकता है जुर्माना:

यात्रा के दौरान यात्री के पास निश्चित मात्रा से अधिक सामान मिलने पर रेलवे ने कुछ मार्जिन सेट किया हुआ है, लेकिन इससे भी अधिक भारी सामान होने पर उसकी बुकिंग से छह गुना जुर्माने लगाने का भी प्रावधान है। साथ ही प्रतिबंधित सामान मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी द्वारा कार्रवाई (Action by RPF and GRP) की जा सकती है। इसमें जेल तक का प्रावधान है।


ज्यादा सामान होने पर करें ये काम:

अगर सफर के दौरान यात्री के पास बड़े आकार का और भारी सामान है तो उसे टिकट दिखाकर पार्सल काउंटर (parcel counter) पर बुक करवाना होगा। वह सामान लगेज यान में ले जाया जा सकता है। इसके लिए रेलवे द्वारा तय दर का भुगतान लगेज काउंटर पर करना होगा। इससे यात्रा के दौरान परेशानियों से बचा जा सकता है।


ट्रेन में नही ले जा सकते ऐसी सामग्री:

ट्रेन में यात्रा (travel by train) करते वक्त आप विस्फोटक, खतरनाक ज्वलनशील वस्तुएं खाली गैस सिलेंडर, बदबूदार सामान, तेजाब और अन्य खतरनाक तरल, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, टॉयलेट क्लीनिंग का एसिड, सभी प्रकार की सूखी घास, पत्तियां या रद्दी कागज, तेल, ग्रीस आदि नहीं ले जा सकते।