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ये लोग दे रहे हैं सबसे ज्यादा टैक्स, Income Tax विभाग ने जारी किए आंकड़े

Income Tax : सब लोग जानते हैं कि एक निर्धारित सीमा से ज्यादा इनकम होने पर टैक्स देना पड़ता है तो ऐसे में लगभग लोग यही सोचते होंगे कि सबसे ज्यादा टैक्स तो कॉरपोरेट तबका ही देता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। सरकार ने आंकड़े जारी किए हैं जिसके अनुसार चोंकाने वाला खुलासा हुआ है। सबसे ज्यादा टैक्स कॉरपोरेट तबका नहीं बल्कि ये लोग दे रहे हैं। चलिए नीचे खबर में जानते हैं इस अपडेट के बारे में पूरी जानकारी.

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ये लोग दे रहे हैं सबसे ज्यादा टैक्स, Income Tax विभाग ने जारी किए आंकड़े

NEWS HINDI TV, DELHI: क्या आपको पता है देश का कौन सा तबका सबसे ज्यादा टैक्स देता है? शायद आपका जवाब कॉरपोरेट( corporate ) हाे सकता है. लेकिन ये जवाब पूरी तरह से गलत है. सरकारी आंकडें कुछ और ही बयां कर रहे हैं. बीते वित्त वर्ष के मुकाबले इस साल कॉरपोरेट इनकम टैक्स कलेक्शन का ग्रोथ रेट( Growth rate of corporate income tax collection ) पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन के ग्रोथ रेट से काफी कम है.

ताज्जुब की बात तो ये है कि देश का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन( direct tax collection ) 15.50 लाख करोड़ रुपए पार कर चुका है, जो कि रिवाइज एस्टीमेट का 80 फीसदी से ज्यादा है. वहीं कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन( corporate tax collection ) और पर्सनल टैक्स कलेक्शन की बात करें तो दोनों की ग्रोथ रेट में काफी अंतर देखने को मिल रहा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट( Income Tax Department ) ने जो आंकड़ें जारी किए हैं, वो किस तरह के हैं.

कितना हुआ ग्रॉस कलेक्शन-


चालू वित्त वर्ष में अब तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़कर 15.60 लाख करोड़ रुपए हो गया है. यह कलेक्शन 2023-24 के संशोधित अनुमानों का 80 फीसदी है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ( CBDT ) ने बयान में कहा कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के अनंतिम आंकड़ों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. ऐसे में 10 फरवरी, 2024 तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन से पता चलता है कि ग्रॉस कलेक्शन 18.38 लाख करोड़ रुपए है. यह राशि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17.30 फीसदी है.


रिफंड हटाकर कितना नेट कलेक्शन-


वित्त वर्ष 2023-24 में 10 फरवरी तक रिफंड को हटाकर प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.60 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 20.25 प्रतिशत अधिक है. यह संग्रह 2023-24 के लिए प्रत्यक्ष करों के कुल संशोधित अनुमान का 80.23 प्रतिशत है. बयान में कहा गया कि एक अप्रैल, 2023 से 10 फरवरी, 2024 के दौरान 2.77 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है.


पर्सनल इनकम टैक्स है कॉरपोरेट से ज्यादा बेहतर-


कॉरपोरेट इनकम टैक्स के आंकडों को देखें और पर्सनल इनकम टैक्स( personal income tax ) के आंकडों से कंपेयर करें तो चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. कॉरपोरेट इनकम टैक्स यानी सीआई का ग्रोथ रेट 9.16 फीसदी देखने को मिला है. जबकि पर्सनल इन टैक्स यानी पीआईटी का ग्रोथ रेट 25.67 फीसदी है. अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि देश में पर्सनल इनकम टैक्स देने वालों की तादाद ज्यादा देखने को मिल रही है. जबकि कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ रेट 10 फीसदी भी नहीं है.